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नई दिल्ली
फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को ग्रुप-के के मुकाबले में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) के विरुद्ध करेगा। ये मुकाबला बुधवार रात 10:30 बजे ह्यूस्टन में खेला जाएगा।

41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह विश्व कप संभवतः आखिरी मौका हो सकता है, जहां वह अपने शानदार करियर में विश्व कप ट्रॉफी जोड़ने का सपना पूरा करना चाहेंगे। दूसरी ओर 52 वर्षों बाद विश्व कप में लौटी डीआर कांगो की टीम इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

पुर्तगाल की रणनीति
कोच रॉबर्टो मार्टिनेज की टीम आमतौर पर 4-3-3 या 4-2-3-1 फार्मेशन में खेलती है। टीम का पूरा खेल मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण और विंग्स से आक्रमण तैयार करने पर आधारित रहता है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो अग्रिम पंक्ति में मुख्य स्ट्राइकर की भूमिका निभाएंगे जबकि राफेल लियाओ और बर्नार्डो सिल्वा जैसे खिलाड़ी दोनों किनारों से गति और रचनात्मकता प्रदान करेंगे।

मिडफील्ड में ब्रूनो फर्नांडिस और वितिन्हा खेल की गति नियंत्रित करने के साथ-साथ आक्रमण को धार देंगे। डिफेंस में रुबेन डियास टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं। यदि डियास पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो पुर्तगाल की रक्षापंक्ति थोड़ी कमजोर पड़ सकती है।

कांगो की रणनीति
कोच सेबास्टियन डेसाब्रे की टीम तकनीकी रूप से पुर्तगाल से कमजोर मानी जा रही है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताकत सामूहिक खेल और तेज काउंटर अटैक हैं। कांगो संभवतः 4-5-1 या 4-3-3 फॉर्मेशन के साथ मैदान में उतर सकती है, जिसमें प्राथमिक लक्ष्य पुर्तगाल को मिडफील्ड में जगह न देना होगा। टीम के खिलाड़ी यूरोप की विभिन्न लीगों में खेलते हैं और शारीरिक रूप से काफी मजबूत हैं।

कांगो की कोशिश होगी कि वह रोनाल्डो और ब्रूनो फर्नांडिस को गेंद पर कम समय दे तथा तेज ट्रांजिशन के जरिए पुर्तगाल की रक्षा पर दबाव बनाए। सेट पीस भी उनके लिए बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं।

 

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