जर्मनी में मास्टर्स करने की प्लानिंग कर रहे भारतीय छात्रों के लिए जरूरी खबर है। अभी तक यहां पढ़ने के IELTS और GMAT/GRE जैसे टेस्ट स्कोर की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब इस लिस्ट में एक नया एग्जाम भी शामिल हो गया है। इस साल से जर्मनी की एकेडमिक इवैल्यूएशन सेंटर (APS) वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत एक नया 'डिजिटल मास्टर असेसमेंट टेस्ट' (dMAT) अनिवार्य किया जा रहा है।
आधिकारिक dMAT वेबसाइट के मुताबिक, अब अगर कोई भारतीय छात्र जर्मनी में पढ़ना चाहता है, तो उसे पहले इस टेस्ट को क्लियर करना होगा। यह टेस्ट अब भारतीय छात्रों के लिए APS डॉक्यूमेंटेशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया का एक नया हिस्सा होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि dMAT टेस्ट क्या है और इसके जरिए टेस्ट कब लिया जाएगा और रिजल्ट कब जारी होगा। इसके साथ-साथ ये भी जानते हैं कि dMAT टेस्ट का स्ट्रक्चर कैसा है।
क्या है dMAT टेस्ट?
जर्मन यूनिवर्सिटीज ने 'सोसाइटी फॉर एकेडमिक स्टडी प्रिपरेशन एंड टेस्ट डेवलपमेंट' (g.a.s.t.) के साथ मिलकर dMAT को तैयार किया है। इसमें अभी एक 'जनरल एकेडमिक मॉड्यूल' शामिल है, जो भारत में APS वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए जरूरी है। इसके साथ ही, इसमें केमिस्ट्री, फिजिक्स, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और डेटा साइंस के सब्जेक्ट मॉड्यूल भी शामिल हैं। सब्जेक्ट मॉड्यूल के जरिए ये देखा जाता है कि स्टूडेंट को किसी विषय के बारे में कितनी गहराई से मालूम है और क्या वह मास्टर्स लेवल की पढ़ाई के लिए तैयार है या नहीं।
टेस्ट में शामिल हैं कोर और सब्जेक्ट-स्पेसिफिक मॉड्यूल
dMAT में दो हिस्से हैं: एक कोर मॉड्यूल और एक सब्जेक्ट मॉड्यूल।
कोर मॉड्यूल: यह तीन सब-टेस्ट के जरिए छात्र की सामान्य अध्ययन क्षमता और संज्ञानात्मक (कॉग्निटिव) स्किल को मापता है।
सब्जेक्ट मॉड्यूल: इसके जरिए ये देखा जाता है कि छात्र की पिछली पढ़ाई के दौरान हासिल की नॉलेज और समस्याओं को हल करने की क्षमता किस हिसाब की है।
यह परीक्षा g.a.s.t. द्वारा तय किए गए टेस्ट सेंटरों पर डिजिटल तरीके से होती है।
dMAT एग्जाम 3.5 घंटे तक चलता है, जिसमें दोनों मॉड्यूल के बीच में एक ब्रेक भी शामिल होता है।
dMAT एग्जाम में सभी सवालों के जवाब सिंगल-चॉइस फॉर्मेट में होते हैं और ये परीक्षा अंग्रेजी में आयोजित की जाती है।
dMAT सर्टिफिकेट में रिजल्ट 'परसेंटाइल रैंक' और 0 से 200 के स्कोर के रूप में दिए जाते हैं। यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर यह तय करती है कि वह एडमिशन के दौरान इन स्कोर्स का इस्तेमाल कैसे करेगी।
dMAT सर्टिफिकेट की वैलिडिटी हमेशा के लिए होती है और रिजल्ट आने के बाद इसे टेस्ट-टेकर पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।
dMAT एग्जाम किन स्टूडेंट्स के लिए है?
APS के मुताबिक, dMAT एग्जाम उन सभी स्टूडेंट्स के लिए जरूरी है, जो मास्टर्स की पढ़ाई करना चाहते हैं और उनकी बैचलर्स की डिग्री इंजीनियरिंग, कॉमर्स, अकाउंटिंग, फाइनेंस, इकोनॉमिक्स, बिजनेस या मैनेजमेंट से जुड़ी हुई है। भले ही नए नियम अभी लागू कर दिए गए हैं, लेकिन dMAT स्कोर की जरूरत समर सेमेस्टर 2027 में एडमिशन लेने के दौरान पड़ेगी।
अभी इस एग्जाम का शेड्यूल जारी किया है, जिसके बाद ही रिजल्ट मिलेगा और फिर एडमिशन में स्कोर का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां क्लिक कर आप उन सभी कोर्सेज की लिस्ट देख सकते हैं, जिनके लिए अब dMAT स्कोर जरूरी हो गया है। इस लिस्ट में आपको उन कोर्सेज के नाम भी मिल जाएंगे, जो ऑटोमैटिकली dMAT एग्जाम के दायरे में नहीं आते हैं।
dMAT एग्जाम का शेड्यूल
29 जून 2026 रजिस्ट्रेशन शुरू
15 सितंबर 2026 रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख
26 सितंबर 2026 dMAT एग्जाम की तारीख
12 अक्टूबर 2026 g.a.s.t. के टेस्ट-टेकर पोर्टल पर सर्टिफिकेट ऑनलाइन उपलब्ध होगा
अभी dMAT स्कोर ले रही हैं 2 यूनिवर्सिटीज
RWTH आकिन यूनिवर्सिटी और जॉर्ज-अगस्त यूनिवर्सिटी गोटिंगेन जर्मनी की 2 ऐसी यूनिवर्सिटी हैं, जो अभी dMAT स्कोर का इस्तेमाल एडमिशन के लिए कर रही हैं। RWTH आकिन यूनिवर्सिटी में बैटरी साइंस और टेक्नोलॉजी में MSc के लिए सब्जेक्ट मॉड्यूल का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि गोटिंगेन यूनिवर्सिटी इस टेस्ट का उपयोग अपने MSc इन डेटा साइंस प्रोग्राम के लिए करती है।
