देवघर
श्रावणी मेला में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार शीघ्रदर्शनम व्यवस्था में बड़ी राहत मिलने जा रही है। मंदिर प्रशासन ने शीघ्रदर्शनम कूपन से पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग (डेडिकेटेड) क्यू सिस्टम विकसित किया है।
यह नई व्यवस्था 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेला के साथ लागू होगी। इससे शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों का कम से कम आधा घंटा समय बचेगा और वे बिना किसी व्यवधान के मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
हर साल 14 लाख शीघ्रदर्शनम वाले भक्त
बताते चलें कि बाबा मंदिर में हर वर्ष औसतन 14 लाख से अधिक श्रद्धालु शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर पूजा-अर्चना करते हैं। इनमें केवल सावन माह में ही करीब सवा लाख श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठाते हैं।
सामान्य दिनों में शीघ्रदर्शनम कूपन का शुल्क 300 रुपये है, जबकि श्रावणी मेला के दौरान यह 600 रुपये रहेगा। अब तक शीघ्रदर्शनम और सामान्य दर्शन की कतारें मुख्य द्वार से लगभग 30 मीटर पहले स्थित टी-प्वाइंट पर एक हो जाती थीं।
इसके कारण कूपनधारकों को भी सामान्य कतार के साथ आगे बढ़ना पड़ता था और मंदिर तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता था। कई बार सामान्य कतार में लगे श्रद्धालुओं की नाराजगी का सामना भी उन्हें करना पड़ता था।
नई व्यवस्था में फील पाया के पास मिलेगी दोनों कतार
एसडीओ सह प्रभारी पदाधिकारी रवि कुमार के अनुसार नई व्यवस्था के तहत सामान्य कतार संस्कार मंडप से नए फुटओवर ब्रिज के जरिए फील पाया के पास रैंप से उतरेगी, जबकि शीघ्रदर्शनम की कतार प्रशासनिक भवन के निर्धारित मार्ग, होल्डिंग प्वाइंट और पूर्वी दिशा से होकर सीधे फील पाया पहुंचेगी। दोनों कतारें अब टी-प्वाइंट के बजाय फील पाया के पास मिलेंगी और वहां से एक साथ मुख्य द्वार, मंझला खंड होते हुए गर्भगृह तक प्रवेश करेंगी।
20 जुलाई से होगा ट्रायल
इस व्यवस्था को सफल बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने नया फुट ओवर ब्रिज भी तैयार कर लिया है, जिसका ट्रायल 20 जुलाई से किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों को वास्तव में त्वरित दर्शन का लाभ मिल सकेगा।
