हैदराबाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस ऐक्शन जारी है। मॉर्फ्ड यानी एडिट किए गए वीडियो शेयर करने के मामले में कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना की हैदराबाद पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम के कई अकाउंट्स के साथ-साथ 'मेटा इंडिया' के हेड के खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई बीजेपी समर्थकों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर की गई है। पुलिस के निशाने पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रोटेस्ट में शामिल हुए वे लोग भी हैं जिन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट शेयर किया है।
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रतिनिधियों ने यह चिंता जताई है कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई न करने के अपने आश्वासन को पूरा करने में विफल रही है।
किस आधार पर दर्ज हुआ केस?
हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया अकाउंट्स के अज्ञात यूजर्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इन दोनों ही मामलों में 'मेटा इंडिया' के प्रमुख को भी सह-आरोपी बनाया गया है। बता दें कि भारत में मेटा के मैनेजिंग डायरेक्टर और कंट्री हेड अरुण श्रीनिवास हैं। उन्होंने 1 जुलाई, 2025 को यह पद संभाला था।
साइबर क्राइम के एक जांच अधिकारी ने बताया कि मेटा को दर्ज मामलों और आपत्तिजनक लिंक्स के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। साथ ही अकाउंट्स चलाने वालों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें की जा रही हैं।
भागने लगे इन्वेस्टर
मेटा के लिए भारत संजीवनी है. यहां फेसबुक, इंस्टा पर इतने यूजर हैं, जितने उसके पूरी दुनिया में कहीं नहीं. कहा जा रहा है कि मेटा के निवेशकों के बीच इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि अगर भारत सरकार मेटा के खिलाफ कोई सख्त रेगुलेटरी कदम उठाती है, तो इसका सीधा असर कंपनी के डेली एक्टिव यूजर्स और विज्ञापन से होने वाली कमाई पर पड़ेगा. वर्तमान में मेटा के ऐप्स पर डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या 3% बढ़कर 360 करोड़ हो गई है. इसका बड़ा हिस्सा भारतीय यूजर्स का है. अगर भारत में कड़े नियम लागू होते हैं या कंपनी पर कोई बड़ा जुर्माना लगता है, तो मेटा के लिए पहले से ही बिगड़े हुए वित्तीय हालात और ज्यादा बदतर हो जाएंगे।
वजह सिर्फ ये नहीं, नतीजे भी खराब आए
मेटा के Q2 के रिजल्ट ने उसकी मुसबीत बढ़ा दी है. जैसे ही रिजल्ट की भनक लगी, इन्वेस्टर छोड़कर भागने लगे और गुरुवार के रेगुलर सेशन की ट्रेडिंग में ही कंपनी के शेयर लगभग 9.1% तक गिर गए।
क्योंकि मेटा का रेवेन्यू तो 28% बढ़ गया लेकिन मुनाफा 6.18 डॉलर प्रति शेयर रहा, जो कि 7.17 डॉलर के अनुमान से लगभग 13.8% कम था. इसी वजह से मेटा के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई।
सबसे ज्यादा डराने वाला आंकड़ा फ्री कैश फ्लो का रहा. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का फ्री कैश फ्लो 8.55 बिलियन डॉलर था, जो अब 91% की भयानक गिरावट के साथ मात्र 784 मिलियन डॉलर रह गया है।
आफत की असली जड़ AI पर बेतहाशा खर्च
मेटा की वर्तमान हालत देखकर बाजार विशेषज्ञ कह रहे हैं कि कंपनी मूल रूप से दो अलग-अलग कंपनियों की तरह काम कर रही है. पहला, एक बेहद मुनाफे वाले फैमिली ऐप्स, जिनपर भर भरकर विज्ञापन मिल रहा है, तो दूसरी ओर कंपनी AI पर मोटा पैसा बहा रही है, जिससे नकदी खत्म हो रही है।
निवेशकों को लग रहा कि इससे खर्चे बढ़ रहे हैं. मेटा का कुल खर्च सालाना आधार पर 55% बढ़कर 42 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इससे कंपनी पर कर्ज बढ़ता जा रहा है।
निवेशकों का धैर्य इसलिए भी टूट रहा है क्योंकि मेटा की वर्चुअल-रियालिटी ऑपरेशंस संभालने वाली विंग Reality Labs ने अब तक 80 बिलियन डॉलर से ज्यादा का भारी-भरकम घाटा जमा कर लिया है।
इन बेतहाशा खर्चों के कारण मेटा का ऑपरेटिंग मार्जिन 43% से गिरकर 31% हो गया है, और ऑपरेटिंग इनकम 8% गिरकर 18.8 बिलियन डॉलर रह गई है।
जुर्माने और छंटनी का भी बड़ा असर
मेटा को सिर्फ AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही खर्च नहीं करना पड़ रहा, बल्कि कंपनी को झटके भी लगे हैं जिन्होंने मुनाफा कम कर दिया है. कंपनी को वन-टाइम हिट के तौर पर 2.4 बिलियन डॉलर का कानूनी चार्ज भुगतना पड़ा है. मई 2026 में कंपनी ने लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी. इसके एवज में कंपनी को 1.2 बिलियन डॉलर का सेवरेंस पैकेज देना पड़ा, जिसने शॉर्ट-टर्म सेविंग्स को खत्म कर दिया।
बीजेपी नेताओं ने दी 2 अलग-अलग शिकायतें
बुधवार रात को तेलंगाना बीजेपी की सोशल मीडिया कोर कमेटी के सदस्य टी. साईकिरण गौड़ ने पुलिस से संपर्क किया। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर आपत्तिजनक रील्स देखने के बाद उन्होंने 20 लिंक पुलिस को सौंपे, जिनमें कथित तौर पर पीएम मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो थे।
साईकिरण ने अपनी शिकायत में कहा कि यह कंटेंट पीएम के प्रति अपमानजनक है और ऐसे नरेटिव को बढ़ावा देता है जो देश की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हो सकता है। उन्होंने ऐसा कंटेंट होस्ट करने की अनुमति देने पर 'मेटा' के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
वहीं दूसरी शिकायत नामपल्ली के एक बीजेपी समर्थक एस. अरविंद रेड्डी ने दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कुछ इंस्टाग्राम हैंडल लगातार पीएम मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति और पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अश्लील, अपमानजनक और डिजिटल तरीके से छेड़छाड़ की गई सामग्री सर्कुलेट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे जनता के बीच गलत जानकारी फैल सकती है। उन्होंने मेटा इंडिया के प्रमुख और पोस्ट करने वाले लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई का दिखा असर
पुलिस की ओर से मामला दर्ज किए जाने और इस तेज ऐक्शन का असर भी देखने को मिला। गुरुवार शाम तक शिकायत में दिए गए सभी विवादित और आपत्तिजनक लिंक निष्क्रिय हो चुके थे।
