14A 38.jpg

नई दिल्ली

भारत के नए पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) ने भारतीय सेना की युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेना अब अंधाधुंध फायरिंग से आगे बढ़कर सटीक और गहरे लक्ष्य पर प्रहार की क्षमता हासिल कर रही है। अमेरिका की एक पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नया रॉकेट सिस्टम पारंपरिक तोपखाने को दूर से मार करने वाले प्रभावी प्रतिरोधक हथियार में बदल देता है। इससे सीमावर्ती इलाकों तक सीमित प्रभाव के बजाय दुश्मन के भीतर गहरे तक असर डालना संभव होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, डीआरडीओ ने पिछले साल एलआरजीआर-120 का सफल परीक्षण किया था, जिसमें रॉकेट ने 120 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों को बेहद सटीकता से भेदा। यह पूरी तरह स्वदेशी हथियार प्रणाली है और इसे मौजूदा पिनाका लॉन्चरों से ही दागा जा सकता है, जिससे लागत भी कम होती है।

एलआरजीआर-120 में इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (आईएनएस), बीच रास्ते में अपडेट और अंतिम चरण की गाइडेंस का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उच्च सटीकता सुनिश्चित होती है। पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (एमबीआरएल) से एक साथ आठ गाइडेड रॉकेट दागे जा सकते हैं। इनका इस्तेमाल दुश्मन के कमांड सेंटर, तोपखाने और लॉजिस्टिक ठिकानों पर सटीक हमलों के लिए किया जा सकता है।

फ्रांस ने दिखाई रुचि

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फ्रांस ने पिनाका सिस्टम में रुचि दिखाई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय हथियार बाजार में इस भारतीय प्रणाली की मांग बढ़ने के संकेत मिलते हैं। हालांकि, अमेरिका के एचआईएमएआरएस की रेंज अधिक है, लेकिन पिनाका भारत को लंबी दूरी के हमलों में बड़ी मजबूती देता है और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी बढ़ावा देता है।

भविष्य में रेंज बढ़ाने की योजना

रिपोर्ट के मुताबिक, पिनाका एक स्थिर प्रणाली नहीं है। भविष्य में इसकी रेंज बढ़ाने की योजना है और 200 से 300 किलोमीटर तक की क्षमता वाले संस्करणों पर भी चर्चा चल रही है। इससे चीन और पाकिस्तान से मिलने वाली चुनौतियों के बीच भारत की सैन्य तैयारियां और मजबूत होंगी।

Admin

By Admin