खिमारिया बीट में सागौन कटाई

पश्चिम वन परिक्षेत्र की खमरिया बीट में सागौन कटाई का मामला गरमाया

गणेश पाण्डेय, भोपाल। रायसेन वनमंडल के सिलवानी उप वन मंडल अंतर्गत पश्चिम वन परिक्षेत्र की खमरिया बीट में सागौन की कथित अवैध कटाई का मामला अब गंभीर विवाद में बदल गया है। आरोप है कि अवैध कटाई के वीडियो और फोटो उच्च अधिकारियों को भेजने वाले ग्राम खेरी निवासी युवक आजाद खान को ही वन विभाग ने हिरासत में लेकर मारपीट की। मामले के तूल पकड़ने के बाद सीसीएफ स्तर से भोपाल से जांच टीम भेजने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।

परिजनों के अनुसार, युवक द्वारा खमरिया बीट में बड़े पैमाने पर सागौन कटाई के वीडियो जिला स्तर से लेकर भोपाल स्थित वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजे जाने के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची। आरोप है कि आजाद खान को घर से उठाकर सिलवानी स्थित वन विभाग कार्यालय परिसर की पश्चिम चौकी ले जाया गया, जहां उसे रातभर एक कमरे में बंद रखा गया। परिजनों का दावा है कि इस दौरान युवक के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उसे बेहोशी की हालत में सिलवानी सिविल अस्पताल लाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद रायसेन ले जाया गया।

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पुराने मामलों का हवाला देकर दबाव का आरोप

युवक के पिता अर्जुन कामरान ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी पुराने प्रकरणों का हवाला देकर उनके बेटे पर दबाव बना रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि युवक को वन्यजीव शिकार, गांजा तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। परिवार ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का कहना है कि यदि युवक ने अवैध कटाई के प्रमाण न भेजे होते, तो उसके साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता। उनका आरोप है कि शिकायतकर्ता को ही प्रताड़ित कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।

ग्रामीणों के दावे, लंबे समय से जारी है कटाई

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सागौन की अवैध कटाई जारी है और जंगल में कई स्थानों पर पेड़ों के ठूंठ स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर पर सागौन तस्करी का खुलासा हो सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर अवैध कटाई के आरोप हैं, तो दूसरी ओर शिकायतकर्ता युवक के साथ कथित मारपीट और दबाव के दावे सामने आए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल अवैध कटाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिकायतकर्ता को प्रताड़ित करने के आरोप भी गंभीर बनेंगे।

सीसीएफ भोपाल ने कहा है कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और निष्पक्ष जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।