100 11.jpg

रांची

 झारखंड हाई कोर्ट की एकल पीठ ने अडानी पावर लिमिटेड के गोड्डा स्थित थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए 1363 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है।

याचिका गोड्डा जिले के करीब 16 गांवों के स्थानीय किसानों और आदिवासी समुदाय के सदस्यों की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

याचिका में कहा गया है कि परियोजना में उत्पादित पूरी बिजली बांग्लादेश को निर्यात की जानी है। ऐसे में अधिग्रहण को सार्वजनिक उद्देश्य की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

प्रार्थियों का तर्क है कि जब परियोजना का लाभ देश के आम नागरिकों को नहीं मिलना है तो कृषि भूमि का अधिग्रहण उचित नहीं माना जा सकता।

संताल परगना टेनेंसी एक्ट का उल्लंघन का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति प्राप्त नहीं की गई। सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (एसआईए) प्रक्रिया में भी लगभग 4,000 प्रभावित लोगों जिनमें किरायेदार, खेतिहर मजदूर और अन्य आश्रित शामिल हैं को शामिल नहीं किया गया।

Admin

By Admin