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 सकरी 

 (कैलाश वस्त्रकार)ग्राम हांफा में कल 30 अप्रैल, गुरुवार को भगवान श्री नृसिंह देव जी का पावन प्रगटोत्सव बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ बघर्रा पाठ मंदिर परिसर में भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे ग्राम सहित आसपास क्षेत्रों में उत्साह का माहौल बना हुआ है।मंदिर के आचार्य पंडित धनेश उपाध्याय ने समस्त ग्रामवासियों, भक्त माताओं,बुजुर्गों एवं युवा साथियों से इस पावन उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित करने अपील की है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि ग्राम की एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।उत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में भगवान नृसिंह नाथ की विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती, छप्पन भोग-प्रसाद वितरण, महिला संकीर्तन एवं रामायण पाठ का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के अनुसार संध्या 6:30 बजे से महाआरती एवं उसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भोग प्रसाद भंडारे की व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से इस आयोजन को और अधिक भव्य बनाने के लिए अपनी श्रद्धा अनुसार तन मन धन से उपस्थिति का आग्रह किया है।

बघर्रा पाठ महराज ग्राम हांफा के सुरक्षा प्रहरी के रूप में स्थापित मान्य देवता माने जाते हैं। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब ग्राम के चारों ओर घना जंगल हुआ करता था और जंगली जानवर मवेशियों को नुकसान पहुंचाते थे, तब ग्रामवासियों ने इस समस्या के समाधान हेतु गोकने नाला के किनारे ऊंचे स्थान पर बघर्रा पाठ महराज की स्थापना की थी। तभी से ग्राम की सुरक्षा, सुख-समृद्धि और मंगल कार्यों में उनकी विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। भक्तजन बघर्रा पाठ महाराज जी को नरसिंह देव का प्रतिरूप मानते है। आस पास के ग्रामीण भक्तजन विवाह के बाद  नववधू के गृह प्रवेश से पूर्व सबसे पहले बघर्रा पाठ महराज के दर्शन और आशीर्वाद लेते है, इसी प्रकार प्रत्येक मांगलिक कार्य उनकी पूजा-अर्चना के बिना पूर्ण नहीं माना जाता है।भगवान श्री नृसिंह देव जी का प्रगटोत्सव कार्यक्रम  को सफ़ल बनाने के लिए पंडित धनेश उपाध्याय एवं श्रद्धालुगण जुटे हुए है।

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