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लखनऊ
 प्रदेश के 22 और जिलों में आधार सेवा केंद्रों का संचालन शुरू हो गया है। अब इनकी संख्या कुल 32 हो गई है। ये सेवा केंद्र सीधे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की तरफ से संचालित किए जाते हैं। यहां की क्षमता अधिक होती है, जिससे एक दिन में अधिक से अधिक लोगों को आधार सेवा संबंधी सेवा उपलब्ध कराई जाती है।

पहले 12 जिलों में ही इस तरह के आधार सेवा केंद्र संचालित हो रहे थे। इसमें लखनऊ, आगरा, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, कानपुर, गोंडा, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और गाजियाबाद शामिल थे। अब इसमें 22 और जिले जुड़ गए हैं। इसमें अलीगढ़, अयोध्या, हापुड़, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, उन्नाव, हाथरस, सीतापुर, बलरामपुर, मथुरा, इटावा, मैनपुरी, गाजीपुर, मऊ, मिर्जापुर, अमेठी, बस्ती और चंदौली है। सुविधा के शुरू होने से इन जिलों व आसपास जिलों के रहने वालों को आधार सुविधाएं बेहतर तरीके से मिल रही हैं। कम समय में काम हो रहा है और एक दिन में अधिक लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कुल 32 जिलों में ये सुविधा शुरू हो चुकी है। 39 जिलों में इस तरह के सेवा केंद्र शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए दफ्तर के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। मैनपॉवर व मशीनें आदि उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक दो महीने में इन जिलों में भी आधार सेवा केंद्र शुरू कर दिए जाएंगे।

इसलिए इन केंद्रों पर है सहूलियत
जिन जिलों में यूआईडीएआई द्वारा संचालित केंद्र नहीं हैं वहा बैंकों व पोस्ट ऑफिसर में आधार संबंधी कार्य होते हैं। वहां की क्षमता कम है लिहाजा कम आवेदन ही स्वीकार किए जाते हैं। यूआईडीएआई से सीधे संचालित केंद्रों पर सभी सुविधाएं हैं। इसलिए इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिलता है।

 

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