गणेश पाण्डेय, भोपाल। राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट (डीलीजेंट होटल कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। होटल परिसर में चूहों की मौजूदगी संबंधी गंभीर शिकायत मिलने के बाद राज्य और केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी और कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आने पर केंद्रीय अभिहित अधिकारी ने होटल की खाद्य व्यवसाय गतिविधियों तथा उसके केंद्रीय खाद्य लाइसेंस (11421999000174) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
डीबी सिटी, अरेरा हिल्स स्थित होटल में हुए निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि होटल के स्टोर और किचन क्षेत्र में चूहों की मौजूदगी थी तथा पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड में भी इस बात की पुष्टि हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार यह स्थिति उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि होटल की विभिन्न रसोइयों में साफ-सफाई और स्वच्छता का स्तर बेहद असंतोषजनक पाया गया। खाद्य सामग्री के रखरखाव और रसोई संचालन में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका बढ़ गई थी।
शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री साथ रखी मिली
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को बिना किसी पृथक्करण के एक साथ संग्रहित किया गया था। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार दोनों प्रकार की सामग्री को अलग-अलग सुरक्षित तरीके से रखा जाना आवश्यक है, ताकि क्रॉस कंटेमिनेशन की संभावना न रहे। इसके अलावा होटल में उपयोग किए जा रहे चीनी के पाउच (शुगर सैशे) भी जांच के दायरे में आए। अधिकारियों ने पाया कि इन्हें एक तृतीय-पक्ष इकाई से लिया जा रहा था और इनके उपयोग के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमोदन एवं समर्थन दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
भंडारण व्यवस्था में भी मिली गंभीर खामियां
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि होटल की भंडारण सुविधाएं इस प्रकार विकसित नहीं की गई थीं कि खाद्य सामग्री को दूषण से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके। भोजन के भंडारण और तैयारी के दौरान संक्रमण तथा दूषण रोकने के लिए आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं अपर्याप्त पाई गईं। जांच दल ने यह भी पाया कि होटल में लागू खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (एफएसएमएस) तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लाइसेंसिंग एवं खाद्य व्यवसायों का पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-4 के कई महत्वपूर्ण प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा था।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान सामने आए तथ्यों, दस्तावेजों की जांच और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने होटल के खाद्य व्यवसाय संचालन और केंद्रीय लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही संबंधित होटल को कमियों को दूर कर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निरीक्षण में मिलीं प्रमुख कमियां
- किचन और स्टोर में चूहों की मौजूदगी।
- पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड में भी संक्रमण की पुष्टि।
- सभी रसोइयों में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक।
- शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री का संयुक्त भंडारण।
- अनुमोदन रहित चीनी पाउच का उपयोग।
- भोजन को दूषण से बचाने के लिए पर्याप्त भंडारण व्यवस्था का अभाव।
- एफएसएमएस और खाद्य सुरक्षा नियमों का अपर्याप्त अनुपालन।
क्यों हुई लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई?
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण में मिली अनियमितताएं केवल प्रक्रियागत नहीं थीं, बल्कि सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करने वाली थीं। चूहों की मौजूदगी, अस्वच्छ रसोई, खाद्य पदार्थों का गलत भंडारण और नियामकीय प्रावधानों की अनदेखी को गंभीर उल्लंघन मानते हुए होटल का केंद्रीय खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
