अतिक्रमण हटाकर जंगल पुनर्जीवन का अनोखा मॉडल
गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश में वन संरक्षण और अतिक्रमण हटाने की दिशा में खंडवा वन मंडल ने एक मिसाल कायम की है। वन विभाग ने न केवल 2130 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया, बल्कि उस क्षेत्र को दोबारा हराभरा बनाने में भी सफलता हासिल की है। एक समय अवैध कब्जों और कटाई के कारण उजड़ चुकी गुड़ी रेंज आज फिर से हरियाली की चादर ओढ़ती नजर आ रही है। वन विभाग की इस उपलब्धि के पीछे डीएफओ राकेश कुमार डामोर और उनकी टीम के लगातार प्रयासों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार खंडवा वन परिक्षेत्र की गुड़ी रेंज में वर्ष 2018 के बाद अतिक्रमण तेजी से बढ़ा था। जंगल की बड़ी भूमि पर खेती शुरू हो गई थी और अवैध कब्जों के कारण वन क्षेत्र लगातार सिमटता जा रहा था। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि करीब 2130 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा हो गया था। वन विभाग ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए विशेष अभियान शुरू किया। वर्ष 2024-25 में नहारमाल और भिलाई खेड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया। अभियान के दौरान कई बार विरोध और तनावपूर्ण परिस्थितियां भी बनीं, लेकिन वन विभाग पीछे नहीं हटा।
अतिक्रमण हटाया, फिर शुरू किया जंगल बसाने का अभियान
वन भूमि को कब्जामुक्त कराने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उस क्षेत्र को दोबारा जंगल में बदलने की थी। इसके लिए गुड़ी रेंज के रेंजर नरेंद्र पटेल ने विशेष कार्ययोजना तैयार की। नियमित गश्त बढ़ाई गई, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की गई और दोबारा कब्जा रोकने के लिए सख्त व्यवस्था बनाई गई। वन विभाग और एसएएफ के करीब 30 कर्मचारी लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। वहीं ड्रोन कैमरों की मदद से भी पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है, ताकि दोबारा अतिक्रमण की कोई कोशिश सफल न हो सके।

400 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए 35 हजार बांस
वन विभाग ने अतिक्रमण मुक्त भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण और प्राकृतिक वन संवर्धन का कार्य शुरू किया। करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्र में 35 हजार बांस के पौधे लगाए गए, जबकि कई स्थानों पर बबूल के बीजों का भी रोपण किया गया। अधिकारियों के अनुसार बारिश और लगातार संरक्षण के कारण स्थानीय प्रजातियों के पौधे स्वतः विकसित होने लगे हैं। बड़ी संख्या में झाड़ियां और नए पौधे उभरकर सामने आए हैं, जिससे क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन फिर से मजबूत हो रहा है।
हरियाली के साथ लौटने लगे वन्यजीव
वन विभाग का दावा है कि हरियाली लौटने के साथ वन्यजीवों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। चीतल, सांभर और तेंदुए जैसे वन्यजीव अब फिर से इस क्षेत्र में दिखाई देने लगे हैं। इसे वन पुनर्जीवन अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। डीएफओ राकेश कुमार डामोर ने कहा कि गुड़ी रेंज में जहां पहले बंजर और अतिक्रमित भूमि दिखाई देती थी, वहां अब हरियाली विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि जंगलों को सुरक्षित रखने, अतिक्रमण रोकने और प्राकृतिक वन संवर्धन को बढ़ावा देने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
खंडवा वन मंडल की बड़ी उपलब्धियां
- 2130 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई।
- 400 हेक्टेयर क्षेत्र में 35 हजार बांस के पौधे लगाए गए।
- नहारमाल और भिलाई खेड़ा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया।
- वन विभाग और एसएएफ के 30 कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
- ड्रोन तकनीक के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
