16A 23.jpg

 लखनऊ

उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाला मुस्लिम मौलाना जरजिस अंसारी का विवादित बयान चर्चा में आ गया है. जरजिस ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दावा किया है कि वो मुस्लिम थे और वो दीन (इस्लाम) का प्रचार करते थे. इतना ही नहीं, उन्होंने श्रीकृष्ण को पांच वक्त का नमाजी तक बता दिया। 

बताया जा रहा है कि ये वायरल वीडियो 23 जून को झारखंड में दी गई एक तकरीर (भाषण) का है. इस दौरान मौलाना जरजिस अंसारी ने अपनी तकरीर के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का 'गलत अर्थ' निकालकर अपनी बात को साबित करने की कोशिश भी की। 

जरजिस अंसारी के इस बयान को लेकर हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है. कई हिंदू संगठनों ने मौलाना के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। 

'कृष्ण जी भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे'
मौलाना जरजिस अंसारी ने कहा, 'हमारे भाई, अगर बुरा न मानें, तो कृष्ण जी भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे. यकीन न आए तो श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय का 10वां श्लोक देख लीजिए- योगी युञ्जीत सततमात्मानं एकाकी… जिसमें कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन, ईश्वर की पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो. योगी… उत्तर प्रदेश वाले नहीं. पूरे शरीर का योग करो, यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, बल्कि पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए। 

'राम और कृष्ण ने भी इस्लाम को प्रमोट किया'
मौलाना ने आगे कहा, 'आज हिंदू धर्म में चले जाइए, लोग सिर्फ ऐसे हाथ उठाएंगे- ओम नमः शिवाय, बस हो गई पूजा. ये हिंदू-मुस्लिम का विषय नहीं है. अगर ये अपनी किताबें पढ़ लें. योगी जी बड़े भक्त बनते हैं राम के और अगर अपनी किताबें पढ़ लें, तो यकीन मानिए इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे. क्योंकि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का धर्म नहीं है. ये उनका भी धर्म है। 

उन्होंने दावा किया कि इसी दीन और इसी धर्म को रामचंद्र जी ने भी पेश किया है, कृष्ण जी ने भी पेश किया है. ये सिर्फ मुसलमानों का नहीं है। 

Admin

By Admin