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कान्हा-बांधवगढ़ सहित नौ टाइगर रिजर्व में सफारी सीजन शुरू, बुकिंग तेज

बाघों के दीदार के साथ संरक्षण की भी होगी परीक्षा

गणेश पाण्डेय, भोपाल। तीन महीने के मानसून अवकाश के बाद मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व 1 अक्टूबर 2026 से पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, संजय-डुबरी, माधव, रातापानी और वीरांगना दुर्गावती सहित प्रमुख वन क्षेत्रों में नए पर्यटन सीजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुरुआती तारीखों के लिए कई क्षेत्रों में बुकिंग तेजी से भरने की जानकारी सामने आई है।

पर्यटकों की बढ़ती रुचि के बीच वन विभाग के सामने जंगल की शांति, वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटन व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती रहेगी। नए सीजन में सफारी वाहनों की संख्या, बाघों के आसपास पर्यटकों की मौजूदगी, निर्धारित मार्गों का पालन और वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप रोकना प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

सफारी की शुरुआती बुकिंग में पर्यटकों का उत्साह

उपलब्ध बुकिंग आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर को कान्हा में करीब 1,100, बांधवगढ़ में 850, पेंच में 560, पन्ना में 530 और संजय-डुबरी में लगभग 220 पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान है। ये आंकड़े शुरुआती बुकिंग से जुड़े अनुमान हैं, अंतिम प्रवेश संख्या नहीं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच वन विभाग को सफारी वाहनों की आवाजाही, वन्यजीवों के आसपास वाहनों के जमावड़े और नियमों के पालन पर विशेष ध्यान देना होगा।

मानसून अवकाश के बाद 1 अक्टूबर से खुलेंगे मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व

बाघों के आसपास लंबे समय तक वाहनों का रुकना, तेज आवाज करना या निर्धारित नियमों का उल्लंघन वन्यजीवों पर दबाव बढ़ा सकता है। ऐसे में सफारी के दौरान वाहनों की संख्या और आवाजाही को नियंत्रित रखना, पर्यटकों को आवश्यक निर्देश देना और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना प्रबंधन की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

गाइड और मैदानी अमले के प्रशिक्षण पर जोर

नए पर्यटन सीजन में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ सफारी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गाइड, जिप्सी चालक और अन्य मैदानी कर्मचारियों को संवाद कौशल, वन्यजीवों की जानकारी, अतिथि सत्कार, सफारी के दौरान अपनाए जाने वाले व्यवहार और सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को जंगल के नियमों की जानकारी देना और वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।

मानसून अवकाश के बाद 1 अक्टूबर से खुलेंगे मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व

मध्यप्रदेश में सफारी के लिए पंजीकृत वाहनों और गाइड की व्यवस्था लागू है। पर्यटकों को बुकिंग से पहले संबंधित टाइगर रिजर्व के प्रवेश नियम, शुल्क, गाइड व्यवस्था और उपलब्धता की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से प्राप्त करनी चाहिए।

अक्टूबर-नवंबर में सफारी का समय

वन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर 2026-27 सीजन के लिए जारी जानकारी के अनुसार, अक्टूबर और नवंबर में सुबह की सफारी के लिए प्रवेश सुबह 6 बजे और निकासी सुबह 11:30 बजे निर्धारित है। शाम की सफारी में प्रवेश दोपहर 3 बजे से और निकासी शाम 6 बजे तक होगी। स्थानीय परिस्थितियों और विभागीय निर्देशों के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है।

बीएस-4 वाहनों के पंजीयन पर जोर

इस पर्यटन सीजन में पुराने बीएस-2 और बीएस-3 वाहनों को हटाकर बीएस-4 वाहनों के पंजीयन की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य सफारी वाहनों से जुड़े प्रदूषण और पर्यावरणीय दबाव को नियंत्रित करना बताया गया है। हालांकि, वाहनों के पंजीयन, पात्रता और संचालन की अंतिम शर्तों की पुष्टि संबंधित वन विभाग के निर्देशों से करनी होगी।

मानसून अवकाश के बाद 1 अक्टूबर से खुलेंगे मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व

टाइगर रिजर्व में वाहनों की संख्या, सफारी मार्ग और संचालन संबंधी नियम वन क्षेत्र की परिस्थितियों और प्रबंधन जरूरतों के अनुसार तय किए जाते हैं। सफारी के दौरान निर्धारित मार्गों पर चलना, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना और गाइड के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

रातापानी में बाघों की नई पीढ़ी बनेगी आकर्षण

राजधानी भोपाल के नजदीक स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व में इस बार बाघों के शावक पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बन सकते हैं। सितंबर 2026 में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, पांच बाघिनों के 15 शावक अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मांओं के साथ मूवमेंट कर रहे हैं। वन विभाग कैमरा ट्रैप और अन्य निगरानी माध्यमों से उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

मानसून अवकाश के बाद 1 अक्टूबर से खुलेंगे मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व

रिपोर्ट के मुताबिक, रातापानी लैंडस्केप में करीब 96 बाघों की गतिविधि और टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर लगभग 45 बाघों की मौजूदगी बताई गई है। हालांकि, सफारी के दौरान बाघों या शावकों का दिखाई देना निश्चित नहीं होता। वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक व्यवहार को ध्यान में रखते हुए उनकी गतिविधियों वाले क्षेत्रों में प्रबंधन संबंधी निर्णय लिए जाते हैं।

रातापानी को वर्ष 2024 में टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया था। क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन के साथ पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व के स्थल भी मौजूद हैं। सफारी की उपलब्धता, प्रवेश मार्ग और नियमों की जानकारी पर्यटकों को आधिकारिक माध्यमों से लेनी चाहिए।

मानसून में बफर जोन से जारी रहा वन्यजीव पर्यटन

टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र मानसून के दौरान सामान्यतः बंद रहते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में बफर क्षेत्रों के माध्यम से वर्षा ऋतु में भी वन्यजीव पर्यटन की गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ‘बफर में सफर’ पहल के तहत पर्यटकों को निर्धारित बफर जोन में जंगल और वन्यजीवों का अनुभव लेने का अवसर मिलता है। बफर क्षेत्रों में पर्यटन की उपलब्धता स्थानीय मौसम, नियमों और वन विभाग के प्रबंधन पर निर्भर करती है।

पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी उम्मीद

टाइगर रिजर्व का नया सीजन केवल वन्यजीव दर्शन तक सीमित नहीं है। सफारी वाहन, गाइड सेवाएं, स्थानीय आवास, भोजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को रोजगार और आय के अवसर मिलते हैं। वन्यजीव पर्यटन के विस्तार के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी, पर्यावरणीय दबाव का प्रबंधन और संरक्षण कार्यों में पर्यटन से जुड़े संसाधनों का उपयोग भी महत्वपूर्ण विषय हैं।

Tiger reserve

1 अक्टूबर से टाइगर रिजर्व के दरवाजे खुलने के साथ पर्यटकों को जंगल के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलेगा। लेकिन इस सीजन की सफलता केवल सफारी बुकिंग या बाघों के दीदार से नहीं, बल्कि इस बात से भी तय होगी कि पर्यटन गतिविधियों के बीच वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास, जंगल की शांति और संरक्षण के नियम कितनी प्रभावी ढंग से सुरक्षित रखे जाते हैं।

सफारी का समय

  • सुबह की सफारी: सुबह 6 से 11:30 बजे
  • शाम की सफारी: दोपहर 3 से शाम 6 बजे

पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी

  • सीजन की शुरुआत: 1 अक्टूबर 2026
  • सुबह की सफारी: प्रवेश सुबह 6 बजे, निकासी सुबह 11:30 बजे
  • शाम की सफारी: प्रवेश दोपहर 3 बजे, निकासी शाम 6 बजे
  • बुकिंग: मध्यप्रदेश वन विभाग के आधिकारिक पोर्टल से उपलब्धता और परमिट की जानकारी लें
  • सफारी नियम: गाइड, पंजीकृत वाहन और संबंधित टाइगर रिजर्व के प्रवेश नियमों का पालन करें