De.jpg

नई दिल्ली
2025 से शुरू होने वाले स्कूल एडमिशन के लिए सरकार ने प्राइवेट स्कूलों पर सख्त दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं, जिससे अब अभिभावकों को स्कूलों की मनमानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे यूनिफॉर्म, किताबों और अन्य शुल्कों में अनावश्यक बदलाव नहीं करेंगे और अभिभावकों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालेंगे। इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और छात्रों व उनके परिवारों को राहत मिलेगी। यह कदम हरियाणा सरकार ने उठाया है।

प्राइवेट स्कूलों के द्वारा किताबों और ड्रेस में बार-बार बदलाव से अभिभावकों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि स्कूल केवल सरकारी मान्यता प्राप्त किताबें ही पढ़ाने के लिए बाध्य होंगे, जिससे अतिरिक्त खर्चों पर नियंत्रण पाया जा सके। सरकार ने स्कूलों को पानी की व्यवस्था के लिए भी सख्त निर्देश दिए हैं। कई स्कूल बच्चों को अपनी बोतल लाने के लिए मजबूर करते थे, लेकिन अब उन्हें स्कूल परिसर में स्वच्छ और शुद्ध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।

सरप्राइज चेकिंग और शिकायत समाधान प्रक्रिया
अब हरियाणा के जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की अचानक जांच करने का अधिकार दिया गया है। यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने सभी अधिकारियों के ई-मेल और मोबाइल नंबर जारी किए हैं, ताकि अभिभावक सीधे शिकायत कर सकें।

 

 

Admin

By Admin