पेंच क्षेत्र की माइंस में सुरक्षा पर उठे सवाल, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी ने वे.को.लि. मुख्यालय से की कार्रवाई की मांग
आईबीएन, छिंदवाड़ा। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वे.को.लि.) के पेंच क्षेत्र में एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। क्षेत्र के महाप्रबंधक पर आरोप है कि उन्होंने न्यायालय से दोषसिद्ध अधिकारियों को प्रमुख पदों पर पदस्थापित किया है। इस मामले में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी संदीप सिंह चौहान ने वे.को.लि. के मुख्य महाप्रबंधक, नागपुर को शिकायत पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
न्यायालय से दोषी पाए गए अधिकारी
शिकायत में कहा गया है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, छिंदवाड़ा ने प्रकरण क्रमांक 615/2017 में सुरक्षा उपनिदेशक, परासिया क्षेत्र द्वारा दर्ज मामले में पाँच अधिकारियों को दोषी पाया था
- पी. वाय. पौनिकर – तात्कालिक प्रबंधक, नेहरिया भूमिगत खान
- सत्येंद्र कुमार – तात्कालिक उपक्षेत्रीय प्रबंधक, नेहरिया उपक्षेत्र
- अभिकांत खोबरागड़े – तात्कालिक उपप्रबंधक, नेहरिया भूमिगत खान
- पी.के. साहू – सहायक प्रबंधक, नेहरिया भूमिगत खान
- राजेश अवस्थी – तात्कालिक ओवरमैन, नेहरिया भूमिगत खान
11 नवंबर 2022 को पारित आदेश में सभी को माइंस एक्ट 1952 की धारा 72(ए), 72(सी), 182 और 72(सी) 1B के तहत 6 माह के सश्रम कारावास और ₹2000 जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
फिर भी दिए गए जिम्मेदारी के पद
सजा के बावजूद वर्तमान महाप्रबंधक ने इन दोषी अधिकारियों को फिर से बड़े पदों पर पदस्थापित कर दिया है —
- पी. वाय. पौनिकर – क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी
- पी.के. साहू – प्रबंधक, नेहरिया भूमिगत खान
- अभिकांत खोबरागड़े – उप महाप्रबंधक, कन्हान क्षेत्र
इस फैसले को भाजपा नेता चौहान ने “व्यक्तिगत लाभ पहुँचाने की नियत” से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि यह न केवल कंपनी की पारदर्शिता के खिलाफ है बल्कि माइंस की सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों की जान को भी खतरे में डालता है।
भाजपा मीडिया प्रभारी ने जताई कड़ी आपत्ति
जिला मीडिया प्रभारी संदीप सिंह चौहान ने पत्र में लिखा —
“सरकार तो उद्योगों और सार्वजनिक उपक्रमों में पारदर्शिता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, लेकिन कुछ अधिकारी अपने व्यक्तिगत स्वार्थ में न्यायालय के निर्णयों को दरकिनार कर रहे हैं। इससे न केवल कंपनी की साख पर प्रश्नचिह्न लग रहा है, बल्कि सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।”
उन्होंने मांग की है कि दोषी अधिकारियों को तुरंत हटाया जाए और महाप्रबंधक के खिलाफ भी विभागीय जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
मजदूर संगठन भी हुए सक्रिय
स्थानीय कामगार संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि अगर दोषसिद्ध अधिकारी सुरक्षा विभाग में बने रहते हैं, तो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
अब निगाहें वे.को.लि. मुख्यालय पर
अब देखना यह है कि नागपुर स्थित वे.को.लि. मुख्यालय इस शिकायत पर क्या रुख अपनाता है। क्या दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया जाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा — यह आने वाला समय बताएगा।
