31a 98.jpg

नई दिल्ली

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को और सुविधाजनक और बनाने के लिए रेलवे को कुछ सुझाव मिले हैं। बोर्ड ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन से इन पर गौर करने को कहा है। मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने ट्रेन को मंजूरी देते समय कई सुरक्षा उपाय बताए। इनमें अग्निरोधी केबल, आसानी से पहुंच योग्य पैनिक बटन और वायरिंग दोष पता करने वाले उपकरण शामिल हैं। ये बदलाव यात्रियों की सुरक्षा और आराम बढ़ाने के लिए जरूरी हैं।

रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने सीसीटीवी और क्रैश हार्डेंड मेमोरी मॉड्यूल जैसे सिस्टम के लिए खास तरह की केबलों का इस्तेमाल जरूरी बताया है, ताकि आग की घटनाओं से बचा जा सके। आर्क फॉल्ट डिटेक्शन डिवाइस लगाने की सिफारिश की गई, जो पिछले साल दरभंगा ट्रेन में लगी आग की जांच से निकली थी। फर्स्ट एसी कोच में एयर-कंडीशनिंग डक्ट को फर्श के कोने से हटाकर बेहतर जगह पर लगाने का भी निर्देश है।

यात्रियों की मिलेंगी खास सुविधाएं

इमरजेंसी अलार्म बटन फिलहाल ऊपरी बर्थ के पीछे छिपे हैं, जिन्हें यात्रियों को आसानी से दिखने और पहुंचने वाली जगह पर शिफ्ट करने को कहा गया है। रेलवे बोर्ड ने बताया कि वंदे भारत के आने वाले वेरिएंट के लिए आरडीएसओ मानक निर्देश तैयार करेगा। इससे ट्रेन में आग और अन्य जोखिमों से बचाव मजबूत होगा। इसके साथ ही, बोर्ड ने जोनल रेलवे को 16-कोच वाली स्लीपर रेक को 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने की मंजूरी दी है।

Admin

By Admin