Donald trump 80 2.jpg

अमेरिका में लाखों गरीब परिवारों के लिए बुरी खबर है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नवंबर महीने के लिए मिलने वाली फूड सहायता की आधी राशि रोक दी है और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को अस्थायी मंजूरी दे दी है. यह राहत "सप्लिमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम" (SNAP) के तहत दी जाती है, जिससे करीब 4.2 करोड़ अमेरिकियों को हर महीने खाने का सामान मिलता है.

दरअसल, सरकार में चल रहे शटडाउन (सरकारी कामकाज बंद होने) की वजह से फंड्स की कमी बताई जा रही है. प्रशासन ने कहा कि फिलहाल सिर्फ 4.65 अरब डॉलर की आंशिक फंडिंग ही संभव है, जबकि प्रोग्राम की पूरी फंडिंग के लिए करीब 9 अरब डॉलर की जरूरत होती है.

सुप्रीम कोर्ट की जज केतानजी ब्राउन जैक्सन ने कहा कि यह आदेश सिर्फ तब तक लागू रहेगा जब तक निचली अदालत इस मामले पर फैसला नहीं दे देती. कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को कुछ समय दिया जा रहा है ताकि वह स्थिति संभाल सके.

इससे पहले रोड आइलैंड के एक जज जॉन मैककोनेल ने सरकार को आदेश दिया था कि वह तुरंत पूरी राशि जारी करे. उन्होंने कहा था कि सरकार गरीबों की मदद रोककर राजनीतिक खेल खेल रही है लेकिन ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करते हुए कहा कि निचली अदालत का आदेश "शटडाउन की अराजकता को और बढ़ा देगा."

सरकार के इस रुख की आलोचना भी हो रही है. डेमोक्रेसी फॉरवर्ड नामक संगठन ने कोर्ट में कहा कि ट्रंप प्रशासन गरीब अमेरिकियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है.

फिलहाल कोर्ट ने प्रशासन को राहत दे दी है, लेकिन इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो हर महीने इसी सहायता से अपना पेट पालते हैं. अब आगे फैसला फर्स्ट सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स करेगा कि ट्रंप प्रशासन को पूरी SNAP राशि देनी होगी या नहीं.

गरीब तबके में चिंता है कि अगर फंडिंग समय पर नहीं आई, तो लाखों लोगों के सामने "खाने के लाले" पड़ सकते हैं.

Admin

By Admin