भोपाल। भारतीय वन सेवा (IFS) के मध्यप्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एस. आर. रावत द्वारा लिखित पुस्तक ‘एक फॉरेस्ट ऑफिसर की डायरी’ का विमोचन आगामी 27 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।
यह पुस्तक उनके 37 वर्षों की वन सेवा यात्रा का जीवंत दस्तावेज है, जिसमें उन्होंने अपने प्रशिक्षण काल से लेकर सेवा निवृत्ति तक के अनुभवों, चुनौतियों और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया है।
पुस्तक में रावत ने महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न वन क्षेत्रों में किए गए कार्यों का दिलचस्प वर्णन किया है। उन्होंने वन संरक्षण, प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए किए गए अपने प्रयासों को बेहद सरल और रोचक शैली में साझा किया है।
वन जीवन के अनुभवों की जीवंत झलक
‘एक फॉरेस्ट ऑफिसर की डायरी’ में वन्यजीव संरक्षण, फील्ड कार्य, सीमांकन, वृक्षारोपण और स्थानीय समुदायों के साथ तालमेल के कई प्रेरक प्रसंग शामिल हैं। रावत ने अपने व्यावसायिक अनुभवों के माध्यम से यह बताया है कि एक वन अधिकारी को केवल जंगल नहीं, बल्कि इंसानों और प्रकृति के बीच संतुलन की रक्षा करनी होती है।

उन्होंने सीहोर और खालियेर वनमंडलों में तैयार की गई योजनाओं का विशेष उल्लेख किया है, जो आने वाले वर्षों में वन प्रबंधन की दिशा तय करने में उपयोगी साबित होंगी।
वनकर्मियों की निष्ठा और जिम्मेदारी पर केंद्रित
यह पुस्तक वन विभाग के उन कर्मचारियों की दिन-प्रतिदिन की चुनौतियों और संघर्षों की सच्ची झलक पेश करती है, जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। लेखक ने इसे केवल अपने अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि वन सेवा की आत्मा का प्रतिबिंब बताया है।
विमोचन समारोह में वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे मौजूद
विमोचन कार्यक्रम में राज्य के वरिष्ठ वन अधिकारी, पर्यावरणविद्, वन्यजीव विशेषज्ञ और संरक्षण कार्यों से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन न केवल श्री रावत के योगदान को सम्मानित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को वन संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी अवसर बनेगा।
एक अधिकारी की नहीं, समर्पण की कहानी
‘एक फॉरेस्ट ऑफिसर की डायरी’ केवल एक संस्मरण नहीं, बल्कि वनों के प्रति अटूट प्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और पर्यावरण संरक्षण की गहरी भावना का दस्तावेज है। यह पुस्तक उन सभी के लिए प्रेरणा स्रोत साबित होगी जो प्रकृति से जुड़कर उसके संरक्षण में योगदान देना चाहते हैं।

