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कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले: गांधीसागर पावर प्लांट का होगा आधुनिकीकरण, जल विद्युत परियोजनाओं को 1000 करोड़ से अधिक की मंजूरी, डाटा योजना को स्वीकृति

आआईबीएन, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने आम जनता, व्यापारियों और निवेशकों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

इनमें सबसे अहम है उज्जैन और ग्वालियर व्यापार मेलों में वाहन खरीद पर मोटरयान कर में बड़ी राहत, गांधीसागर और राणा प्रताप सागर जल विद्युत परियोजनाओं का आधुनिकीकरण और “डाटा सुदृढ़ीकरण योजना” को स्वीकृति।

उज्जैन-ग्वालियर मेला 2025 में वाहन कर पर 50% की छूट

मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने वर्ष 2025 में उज्जैन में लगने वाले विक्रमोत्सव व्यापार मेला के दौरान वहां बेचे जाने वाले दोपहिया, चारपहिया और हल्के निजी वाहनों पर 50 प्रतिशत जीवनकाल मोटरयान कर की छूट देने का निर्णय लिया है। साथ ही ग्वालियर में आयोजित होने वाले व्यापार मेला वर्ष 2024-25 के लिए भी वही व्यवस्था लागू होगी। मेला अवधि में बेचे जाने वाले निजी उपयोग के दोपहिया, चारपहिया और हल्के वाहनों पर 50% टैक्स में छूट दी जाएगी। इस पर भी स्थायी पंजीकरण ग्वालियर आरटीओ से अनिवार्य होगा। यह छूट केवल उन वाहनों को मिलेगी जिनका स्थायी पंजीकरण उज्जैन अथवा ग्वालियर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से होगा। बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायियों को उज्जैन अथवा ग्वालियर आरटीओ से व्यवसाय प्रमाण-पत्र लेना और मेला स्थल पर भौतिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

गांधीसागर और राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह होंगे आधुनिक

कैबिनेट ने दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं के नवीनीकरण की मंजूरी दी:

  • गांधीसागर (5×23 मेगावाट) के लिए 464.55 करोड़ रुपये
  • राणा प्रताप सागर (4×43 मेगावाट) के लिए 573.76 करोड़ रुपये की लागत अनुमोदित की गई।

मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों राज्य इस परियोजना को 50:50 अनुपात में वित्तीय योगदान देंगे। परियोजनाएं अगले 40 वर्षों तक उपयोगी रहेंगी। आधुनिक मशीनरी के माध्यम से बिजली उत्पादन को अधिक प्रभावशाली और टिकाऊ बनाया जाएगा।

“डाटा सुदृढ़ीकरण योजना” को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रदेश में “डाटा सुदृढ़ीकरण योजना” को भी हरी झंडी दी है। योजना का उद्देश्य है – सभी विभागों से समय पर आंकड़े इकट्ठा कर उनका विश्लेषण करना और नीति निर्धारण में उनका उपयोग करना।

इस योजना के फायदे:

  • योजनाएं अधिक सटीक और प्रभावी बनेंगी।
  • शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
  • निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
  • नागरिकों और शोधकर्ताओं को भी आंकड़ों तक पहुंच मिलेगी।