चंद्रकेतु मिश्रा, प्रयागराज। लगातार हो रही बारिश और गंगा-यमुना के उफान से जूझ रहे प्रयागराज में राहत की स्थिति बनने लगी है। मंगलवार रात तक गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। फाफामऊ और छतनाग घाट पर गंगा का जलस्तर 14 से 15 सेंटीमीटर घटा, वहीं नैनी के पास यमुना में भी पानी का स्तर नीचे जाने लगा है। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब भी जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते स्थानीय लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। कई इलाकों में घरों से पानी निकलने का काम चल रहा है और नगर निगम ने पंपिंग सेट के जरिए जल निकासी शुरू की है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार 17 सितंबर को भी प्रयागराज और आसपास के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार, आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और दोपहर से शाम तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। आर्द्रता का स्तर 85 से 90 प्रतिशत के बीच बना रहेगा, जिससे उमस का असर बढ़ेगा। हवाएँ हल्की से मध्यम गति से चलेंगी, लेकिन गरज-चमक के समय अचानक तेज़ हो सकती हैं।
जनजीवन पर असर
भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति ने शहर के सामान्य जीवन को प्रभावित किया है। कई कॉलोनियों और मोहल्लों में सड़कें अब भी जलमग्न हैं। कुछ स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई, वहीं सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल पानी में डूबी हुई है, जिससे किसानों में चिंता बढ़ी है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर के मध्य की यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, बशर्ते लंबे समय तक जलभराव की स्थिति न बनी रहे।
प्रशासन की तैयारियाँ
जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज़ किया है। नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार जलभराव वाले इलाकों का दौरा कर रही हैं। कई जगहों पर अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं ताकि प्रभावित लोगों को भोजन और रहने की सुविधा दी जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी कर दिया है और डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए कीटनाशक छिड़काव कराया जा रहा है।
सावधानियाँ
प्रशासन ने नागरिकों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। निचले इलाकों और जल निकासी की खराब जगहों पर रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदान और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की हिदायत दी गई है।
आगे का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रयागराज में अगले 48 घंटे तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। गुरुवार को भी हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है, हालांकि शुक्रवार से मौसम में सुधार होने के आसार हैं। नदियों के जलस्तर में हो रही कमी से बाढ़ की आशंका धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं।
