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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार

गणेश पाण्डेय, भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव को केला खिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने वीडियो की जांच कर संबंधित युवक की पहचान की और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।

जानकारी के अनुसार 27 जून को मगधी गेट के सामने एक युवक चीतल को केला खिलाता दिखाई दिया था। उसी दौरान पचपेढ़ी पर्यटन जोन से सफारी कर लौट रहे एक पर्यटक ने पूरी घटना अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन के संज्ञान में आया। जांच के दौरान युवक की पहचान अनूप मिश्रा, पिता रमाकांत मिश्रा, निवासी ग्राम बेलिया बड़ी, तहसील कोतमा, जिला अनूपपुर के रूप में हुई। पहचान की पुष्टि होने के बाद वन विभाग ने उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई।

वन्यजीवों को भोजन खिलाना क्यों है प्रतिबंधित?

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार जंगली जानवरों को मानव भोजन खिलाना वन्यजीव संरक्षण के सिद्धांतों के विपरीत है। इससे वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार बदल सकता है, वे इंसानों पर निर्भर होने लगते हैं और मानव बस्तियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ता है और जानवरों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को भोजन खिलाना दंडनीय अपराध माना गया है।