बांधवगढ़ में कार्यशाला के दौरान सामने आई घटना, मौत के कारणों की होगी विस्तृत जांच
गणेश पाण्डेय, भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की धमोखर रेंज में शुक्रवार को चार माह की एक मादा बाघ शावक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली। घटना ऐसे समय सामने आई, जब बांधवगढ़ में वन्यजीवों से संबंधित कार्यशाला आयोजित की जा रही थी, जिसमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) डॉ. समिता राजौरा और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एल. कृष्णमूर्ति भी मौजूद थे। फिलहाल शावक की मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है और विभाग ने विस्तृत पोस्टमार्टम तथा वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार धमोखर रेंज की धमोखर बीट से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में मादा बाघ शावक का शव मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के प्रचलित एसओपी के अनुसार पोस्टमार्टम, दाह संस्कार और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्राथमिक जांच में मिले गंभीर संकेत
वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर द्वारा किए गए प्राथमिक परीक्षण में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर पाया गया। इसके अलावा शरीर पर नाखून और दांत के निशान भी मिले हैं। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। समयाभाव के कारण शव को सुरक्षित रख लिया गया है ताकि विशेषज्ञों की उपस्थिति में विस्तृत परीक्षण कराया जा सके।
डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर से की गई जांच
घटनास्थल पर किसी भी संभावित साक्ष्य की तलाश के लिए डॉग स्क्वॉड की सहायता से सर्च ऑपरेशन चलाया गया, वहीं मेटल डिटेक्टर से भी क्षेत्र की गहन जांच की गई। इसके बाद फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर
वन विभाग का कहना है कि शावक की मौत प्राकृतिक संघर्ष, किसी अन्य वन्यजीव के हमले या अन्य किसी कारण से हुई है, इसका निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
