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हाईकोर्ट जबलपुर ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दी हिरासत में पूछताछ की अनुमति

गणेश पाण्डेय, भोपाल। वन वृत्त बालाघाट के लालबर्रा दक्षिण परिक्षेत्र में बाघ के शव को अवैध रूप से जलाने के मामले में फंसे दो शासकीय सेवकों की अग्रिम जमानत याचिका उच्च न्यायालय जबलपुर ने खारिज कर दी है। अदालत ने दोनों फरार आरोपियों की भूमिका और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कस्टोडियल इंटेरोगेशन (हिरासत में पूछताछ) के निर्देश दिए हैं।

क्या है मामला

बालाघाट जिले में एक मृत बाघ का शव 6 सुरक्षा श्रमिकों से वनरक्षक और परिक्षेत्र सहायक के निर्देश पर जंगल में ही जला दिया गया था। यह कृत्य वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) और वन्य पशु वस्तु का वन्यजीव निपटान नियम 2003 के तहत अपराध माना गया। इस मामले में 8 आरोपियों (जिनमें 2 शासकीय सेवक भी शामिल) के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 16036/06 दिनांक 2 अगस्त 2025 दर्ज किया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मध्यप्रदेश ने 5 अगस्त को इसकी विवेचना स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, जबलपुर इकाई को सौंप दी थी।

फरार आरोपी और जमानत याचिका

  • आरोपी हिमांशु घोरमारे (तत्कालीन वनरक्षक) और टिकाराम हनोते (तत्कालीन वनपाल) करीब एक माह से फरार हैं।
  • दोनों की अग्रिम जमानत याचिका पहले सेशन कोर्ट वारासिवनी ने 7 अगस्त को खारिज की थी।
  • इसके बाद 13 और 18 अगस्त को दोनों ने हाईकोर्ट जबलपुर में याचिका दायर की।
  • 8 सितम्बर को हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने वैज्ञानिक साक्ष्य और ठोस दलीलें पेश कीं, जिसके आधार पर कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

फरार आरोपियों पर इनाम

वन विभाग ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वालों को 5,000 रुपए का इनाम घोषित किया है। जानकारी देने के लिए 7067898223 और 9399185452 पर संपर्क किया जा सकता है।वर्तमान में इस मामले की विवेचना स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा जारी है।