CAG रिपोर्ट का हवाला, बोले—PMKVY में ₹9,200 करोड़ से अधिक की लूट, असली स्किल मॉडल देखना है तो छिंदवाड़ा आएं
गणेश पाण्डेय, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र की भाजपा सरकार पर स्किल डेवलपमेंट के नाम पर बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा है कि CAG (कैग) की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट ने स्किल इंडिया/प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना में ₹9,200 करोड़ से अधिक का घोटाला उजागर हुआ है।
कमलनाथ ने जारी बयान में बताया कि वर्ष 2015 से 2022 के बीच 1.32 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करने के नाम पर ₹10,194 करोड़ का प्रावधान किया गया था, लेकिन 18 दिसंबर 2025 को संसद में पेश CAG रिपोर्ट ने इस पूरी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, PMKVY 2.0 और 3.0 में 94 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों के बैंक खाते फर्जी या अमान्य पाए गए।
एक खाते से हजारों लाभार्थी, एक फोटो से कई राज्यों में ट्रेनिंग
कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कमलनाथ ने कहा कि कई मामलों में एक ही बैंक खाता हजारों उम्मीदवारों से जोड़ा गया, जबकि एक ही फोटो के आधार पर सैकड़ों लाभार्थियों को अलग-अलग राज्यों में प्रशिक्षित दिखा दिया गया। उन्होंने इसे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खुला धोखा करार दिया।
प्लेसमेंट और ट्रेनिंग के आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्लेसमेंट के आंकड़े जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए। कई स्थानों पर बंद या नाममात्र के प्रशिक्षण केंद्रों को सक्रिय बताकर हजारों युवाओं की फर्जी ट्रेनिंग दर्ज कर दी गई। यहां तक कि एक ही अधिकारी द्वारा एक ही दिन में कई राज्यों में निरीक्षण दिखाने जैसी प्रविष्टियां दर्ज पाई गईं, जो व्यवस्था की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं।
मध्यप्रदेश में भी गबन की आशंका
कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान 4.7 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का दावा किया गया, जिसमें करीब ₹23 करोड़ के गबन की गंभीर आशंका है। इससे साफ है कि यह भ्रष्टाचार केवल केंद्र तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य स्तर तक फैला हुआ है।
‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का नारा खोखला साबित
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” का नारा देने वाली भाजपा सरकार के स्किल इंडिया मिशन में ₹9,261 करोड़ की लूट सामने आने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारें इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय इसे दबाने में लगी हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
छिंदवाड़ा मॉडल का दिया उदाहरण
कमलनाथ ने कहा कि इसके विपरीत, छिंदवाड़ा में कांग्रेस सरकार के दौरान CII, ATDC, Ashok Leyland, IL&FS, Ambuja Foundation, FDDI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से पूरी पारदर्शिता के साथ स्किल डेवलपमेंट सेंटर संचालित किए गए। यहां प्रशिक्षण का कोई शुल्क छात्रों पर नहीं डाला गया और युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा गया। आज यही युवा देश और विदेश में कार्यरत हैं और आत्मनिर्भर बन चुके हैं।
छिंदवाड़ा आने का खुला न्योता
कमलनाथ ने कहा कि जो लोग स्किल डेवलपमेंट की असली सच्चाई और जमीनी हकीकत देखना चाहते हैं, वे छिंदवाड़ा आकर स्किल सेंटर स्वयं देखें। हमारा उद्देश्य कभी आंकड़े दिखाना नहीं रहा, बल्कि युवाओं की वास्तविक क्षमता को निखारकर उन्हें सम्मानजनक रोजगार देना रहा है।
