डीएफओ की अनुशंसा पर सीएफ ने की कार्रवाई, छह माह तक प्रकरण लंबित रखने और गुमराह कर पैसे लेने का मामला
गणेश पाण्डेय, भोपाल। दक्षिण बालाघाट वनमंडल में प्रशासनिक बदलाव के बाद कथित अनियमितताओं की परतें खुलने लगी हैं। जब्त ट्रैक्टरों के मामलों में वाहन स्वामियों को गुमराह कर पैसे वसूलने के आरोप सामने आने पर लौंगूर रेंज के रेंजर विवेक सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दक्षिण सामान्य बालाघाट के डीएफओ नित्यानंदम की अनुशंसा पर सीएफ (कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट) गौरव चौधरी ने की।
क्या है मामला
निलंबन आदेश के अनुसार, 21 सितंबर 2024 को जैतपुरी बीट में रेत के अवैध परिवहन के दौरान तीन ट्रैक्टर—MP50AA6081, MP50ZB6343 और MP50ZD8206—ट्रॉली सहित जब्त किए गए थे और उसी दिन वन अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आरोप है कि इन प्रकरणों में शासन हित में समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि रेंजर द्वारा लगभग छह माह तक फाइल अपने पास रखकर जानबूझकर विलंब किया गया। इसी अवधि में जब्त वाहन स्वामियों को गुमराह कर धनराशि लेने के आरोप भी दर्ज हुए हैं।
निलंबन की शर्तें
निलंबन अवधि में विवेक सिंह बघेल का मुख्यालय उप वनमंडल कार्यालय, बैहर (उत्पादन), उत्तर उत्पादन वनमंडल बालाघाट निर्धारित किया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मामले की विभागीय जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रशासनिक बदलाव के बाद सख्ती
दक्षिण बालाघाट में पूर्व डीएफओ अधर गुप्ता के हटने के बाद नए डीएफओ नित्यानंदम (IFS) की पदस्थापना हुई है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती का संकेत माना जा रहा है।
आगे की कार्रवाई पर निगाह
इसी बीच, वन विभाग के एक अन्य कर्मचारी योगेश नामदेव के खिलाफ लंबित शिकायतों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि उनके विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन से लेकर पीसीसीएफ मुख्यालय भोपाल तक शिकायतें दर्ज हैं। हालांकि, इन आरोपों पर आधिकारिक जांच/कार्रवाई की पुष्टि विभाग द्वारा अलग से की जानी शेष है। नए डीएफओ के सामने अब इन मामलों पर निष्पक्ष निर्णय की कड़ी परीक्षा मानी जा रही है।
संबंधित आरोपों पर पक्ष रखने के लिए संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों का बयान प्रतीक्षित है। विभागीय जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
