File 00000000290071fa89c0050177b3185b

मंदसौर वन मंडल में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मंदसौर वन मंडल में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सामान्य वन मंडल के स्थापना शाखा प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह राठौर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ट्रैप की कार्रवाई में राठौर के दो सहयोगी वनकर्मी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार कृष्ण प्रताप सिंह राठौर को वन मंडल कार्यालय में प्रभावशाली कर्मचारी माना जाता था और वे विभागीय प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। लोकायुक्त उज्जैन के अनुसार यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान तथा पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार यादव के मार्गदर्शन में की गई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया और रिश्वत मांग की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई।

इलाज के लिए अवकाश चाहिए था, मांगी गई रिश्वत

मामले के अनुसार गांधी सागर अभयारण्य की पूर्व रेंज में पदस्थ वनरक्षक ललित मीणा ने 27 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्हें स्वयं के उपचार के लिए अहमदाबाद जाना था, जिसके लिए उन्होंने 43 दिनों के अर्जित अवकाश का आवेदन प्रस्तुत किया था। आरोप है कि अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए स्थापना शाखा प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह राठौर ने उन्हें आईएफएमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ-साथ तीन से चार हजार रुपये रिश्वत देने की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय लोकायुक्त से संपर्क किया।

सत्यापन के बाद बिछाया जाल

लोकायुक्त टीम ने शिकायत की गोपनीय जांच और सत्यापन किया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर 2 जून 2026 को विशेष ट्रैप कार्रवाई की गई। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि लेकर भेजा गया। लोकायुक्त टीम ने सामान्य वन मंडल कार्यालय मंदसौर के स्थापना शाखा कक्ष में कृष्ण प्रताप सिंह राठौर को 3 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

दो वनकर्मी भी जांच के घेरे में

सूत्रों के अनुसार ट्रैप कार्रवाई के दौरान राठौर के संपर्क में रहने वाले दो अन्य वनकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। हालांकि लोकायुक्त की ओर से फिलहाल उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रिश्वतखोरी की प्रक्रिया में किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका तो नहीं थी। वन विभाग के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि स्थापना शाखा में लंबे समय से लंबित रहने वाले कई प्रशासनिक कार्यों और फाइलों की भी अब जांच हो सकती है।

विभागीय हलकों में चर्चाओं का दौर

लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद मंदसौर वन मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि स्थापना शाखा को वन मंडल की सबसे महत्वपूर्ण शाखाओं में माना जाता है, जहां अवकाश, वेतन, पदस्थापना और अन्य सेवा संबंधी मामलों की फाइलें संचालित होती हैं। ऐसे में स्थापना शाखा प्रभारी का रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। वहीं कर्मचारी वर्ग में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी हुई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। मंदसौर में हुई यह कार्रवाई सरकारी कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

ऐसे हुई पूरी कार्रवाई

वनरक्षक ललित मीणा ने 43 दिन के अर्जित अवकाश के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि स्थापना शाखा प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह राठौर ने अवकाश प्रक्रिया पूरी करने के बदले तीन से चार हजार रुपये की मांग की। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने सत्यापन कराया। रिश्वत मांग की पुष्टि होने के बाद 2 जून को ट्रैप कार्रवाई की गई और आरोपी को 3 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला

स्थापना शाखा किसी भी सरकारी विभाग की संवेदनशील शाखा मानी जाती है, जहां कर्मचारियों के अवकाश, वेतन, पदस्थापना और सेवा संबंधी मामलों की फाइलें संचालित होती हैं। ऐसे में स्थापना शाखा प्रभारी का रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। लोकायुक्त अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।