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जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक मंगलवार, 30 अक्तूबर को जबलपुर के कचनार सिटी में प्रारंभ हुई। बैठक का शुभारंभ संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर किया।

बैठक में संघ के सभी छह सह सरकार्यवाह — डॉ. कृष्णगोपाल, मुकुंदा, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार और अतुल लिमये — सहित अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य, 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और निमंत्रित कार्यकर्ता उपस्थित हैं। कुल मिलाकर देशभर से आए 407 वरिष्ठ कार्यकर्ता इस तीन दिवसीय बैठक में भाग ले रहे हैं।

श्रद्धांजलि सत्र से हुई शुरुआत

बैठक की शुरुआत श्रद्धांजलि सत्र से हुई, जिसमें बीते दिनों समाज जीवन की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को स्मरण किया गया। इनमें राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढ़े, वरिष्ठ प्रचारक मधुभाई कुलकर्णी, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, दिल्ली के वरिष्ठ राजनेता विजय मल्होत्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री कस्तूरीरंगन, पूर्व राज्यपाल एल गणेशन, गीतकार पीयूष पांडे, फिल्म अभिनेता सतीश शाह, पंकज धीर, हास्य अभिनेता असरानी, तथा असम के प्रसिद्ध संगीतज्ञ जुबीन गर्ग शामिल हैं।

साथ ही पहलगाम में मारे गए हिंदू पर्यटकों, एयर इंडिया हादसे के पीड़ितों और हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वालों को भी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा आपदाओं के दौरान किए गए सेवा कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

राष्ट्रीय अवसरों और सांस्कृतिक विषयों पर मंथन

बैठक में आने वाले महीनों में संघ द्वारा मनाए जाने वाले प्रमुख आयोजनों पर चर्चा हो रही है। इसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, और ‘वंदे मातरम्’ रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।

संघ के सूत्रों के अनुसार, इन आयोजनों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद, जनजागरण और एकता के भाव को सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा।

शताब्दी वर्ष की तैयारियों पर फोकस

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने की तैयारी में जुटा है। इस अवसर को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक में गृह संपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलन, सद्भाव बैठक और जन संगोष्ठी जैसे बड़े आयोजनों की तैयारी पर चर्चा हो रही है।

बैठक में यह भी समीक्षा की जाएगी कि विजयादशमी उत्सव जैसे कार्यक्रमों में संघ का जनसंपर्क कितना प्रभावी रहा और उसे आगे और कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है।

वर्तमान सामाजिक और राष्ट्रीय परिस्थितियों पर विमर्श

तीन दिवसीय बैठक में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत देश की वर्तमान परिस्थितियों, सामाजिक परिवर्तनों और जनसंपर्क अभियानों की दिशा पर मार्गदर्शन देंगे। इस दौरान देशभर से आए प्रचारक और संघचालक अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव साझा करेंगे।

बैठक में संघ के सामाजिक सद्भाव अभियान को आगे बढ़ाने, परिवार प्रबोधन कार्यक्रमों के विस्तार और स्वदेशी आंदोलन को नई दिशा देने पर भी विचार किया जाएगा।

संघ की आगे की रणनीति तय होगी

कार्यकारी मंडल की यह बैठक संघ की वार्षिक कार्ययोजना का निर्धारण करने के साथ ही संगठन के शताब्दी वर्ष (2025–2026) के प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेगी। अनुमान है कि बैठक के अंतिम दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत समापन सत्र को संबोधित करेंगे और संगठन की आगामी दिशा तय करेंगे।