व्यापार समझौते के बाद यूएस ने साझा किया भारतीय मानचित्र
आईबीएन, नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के बाद अमेरिका की ओर से साझा किए गए एक भारतीय मानचित्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को जन्म दे दिया है। इस मानचित्र में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और अक्साई चिन को भारत का अभिन्न हिस्सा दर्शाया गया है। मानचित्र सामने आते ही यह सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।
यह मानचित्र अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा जारी सामग्री में शामिल था, जिसे भारत-अमेरिका व्यापार सहयोग से जुड़े संदर्भ में सार्वजनिक किया गया। मानचित्र में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के वे सभी क्षेत्र भारत की सीमाओं के भीतर दिखाए गए हैं, जिन पर भारत लंबे समय से अपना संप्रभु दावा करता रहा है।
भारत की क्षेत्रीय अखंडता के अनुरूप प्रस्तुति
सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस मानचित्र को भारत की क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्तुति प्रतीकात्मक रूप से भारत के रुख के अनुरूप है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर इन क्षेत्रों को विवादित रूप में दिखाया जाता रहा है।
पीओके और अक्साई चिन पर भारत का स्पष्ट रुख
भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि पीओके और अक्साई चिन उसके अभिन्न अंग हैं। पीओके पर वर्तमान में पाकिस्तान का नियंत्रण है, जबकि अक्साई चिन चीन के नियंत्रण में है। इन क्षेत्रों को लेकर भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन के बीच लंबे समय से कूटनीतिक और रणनीतिक विवाद चले आ रहे हैं।
कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज
अमेरिका द्वारा इस प्रकार का मानचित्र साझा किए जाने के बाद कूटनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ते सामरिक और आर्थिक सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस मानचित्र को लेकर कोई औपचारिक राजनीतिक वक्तव्य जारी नहीं किया गया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
मानचित्र सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे साझा करते हुए भारत की संप्रभुता के समर्थन के रूप में सराहा है। कई लोगों ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के दावे की स्वीकार्यता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत बताया है।
