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गणेश पाण्डेय, भोपाल। मप्र राज्य लघु वनोपज संघ में प्रबंध संचालक कमलिका मोहंता की प्रशासनिक कार्यप्रणाली के चलते संघ की कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगे हैं। लंबित मामलों के त्वरित निराकरण, कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा, तेंदूपत्ता व्यापार से जुड़े कार्यों में तेजी तथा समितियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होने से विभागीय गतिविधियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि वर्तमान प्रबंधन के दौरान निर्णय प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सक्रिय, व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है।

सूत्रों के अनुसार एमडी कमलिका मोहंता प्रशासनिक निर्णयों में नियमों और प्रक्रियाओं का विशेष ध्यान रखती हैं। उनके द्वारा लिए जा रहे निर्णय न केवल नियमानुसार होते हैं, बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण से भी प्रभावी माने जा रहे हैं। इससे संघ के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हुई है और लंबित मामलों के समाधान में तेजी आई है।

विशेष रूप से तेंदूपत्ता संग्रहण एवं व्यापार से संबंधित लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। वन अर्थव्यवस्था और लाखों संग्राहक परिवारों की आजीविका से जुड़े इस क्षेत्र में तेजी आने से समितियों और संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। कई मामलों में वर्षों से लंबित अनुमोदन और प्रशासनिक निर्णयों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया है।

तेंदूपत्ता व्यापार से जुड़े कार्यों में बढ़ी गति

संघ से जुड़े अधिकारियों के अनुसार तेंदूपत्ता व्यापार राज्य की वन आधारित अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान प्रबंधन द्वारा लंबित फाइलों के त्वरित निराकरण से व्यापारिक प्रक्रियाओं में तेजी आई है। समितियों और संग्राहकों से जुड़े मामलों में निर्णय प्रक्रिया तेज होने से मैदानी स्तर पर कामकाज अधिक सुचारु हुआ है।

अधिकारियों का मानना है कि समयबद्ध प्रशासनिक फैसलों से व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ी है और समितियों को भी राहत मिली है। इससे संग्राहकों और व्यापारियों का विश्वास संघ के प्रति मजबूत हुआ है।

विधिक मामलों के निपटारे पर विशेष फोकस

न्यायालयों में लंबित प्रकरणों और सामान्य विधिक मामलों से संबंधित फाइलों के शीघ्र निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक समयबद्ध कार्रवाई से संघ के प्रशासनिक और वित्तीय हितों की रक्षा हो रही है तथा अनावश्यक लंबित प्रकरणों में कमी आई है।

अधिकारियों का कहना है कि विधिक मामलों में सक्रियता बढ़ने से संस्थागत विश्वसनीयता मजबूत हुई है और विभागीय कार्यक्षमता में सुधार देखने को मिल रहा है।

कर्मचारी संगठनों के साथ बढ़ा संवाद

एमडी कमलिका मोहंता द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने और लंबित मामलों के समाधान के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। कर्मचारी संगठनों और अधिकारियों के बीच संवाद बढ़ने से प्रशासनिक कार्यों में भी सुगमता आई है।

कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान प्रबंधन के दौरान कार्यस्थल पर समन्वय बेहतर हुआ है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सक्रिय बनी है। इससे कर्मचारियों में संतोष का माहौल दिखाई दे रहा है।

समितियों और संग्राहकों में बढ़ा भरोसा

लघु वनोपज समितियों, वन धन केंद्रों और संचालकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी वर्तमान प्रबंधन को सफल माना जा रहा है। मैदानी स्तर पर कार्यरत प्रतिनिधियों के अनुसार समितियों से प्राप्त प्रस्तावों और समस्याओं पर अब पहले की तुलना में तेजी से कार्रवाई हो रही है। संघ के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच यह भी चर्चा है कि पूर्व अधिकारियों की तुलना में एमडी कमलिका मोहंता अधिक समय कार्यालय में उपलब्ध रहती हैं और नियमित रूप से कार्यों की मॉनिटरिंग करती हैं। उनकी सक्रिय उपस्थिति से अधिकारियों और कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ी है तथा लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण की कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। व्यापारियों और वनोपज संग्राहकों की संघ अधिकारियों से मुलाकात एवं समस्याओं की सुनवाई की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक सरल और सुगम हुई है। त्वरित निराकरण, सीधे संवाद और सकारात्मक प्रशासनिक वातावरण के कारण संग्राहकों एवं व्यापारियों का भरोसा संघ के प्रति बढ़ा है।