74.jpg

जयपुर

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय में चल रही गंभीर अनियमितताओं और फर्जी डिग्री जारी करने के आरोपों को देखते हुए सभी पाठ्यक्रमों में नए प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया था.

इस समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. विभाग ने इन तथ्यों को आधार बनाकर मेवाड़ विश्वविद्यालय चित्तौड़गढ़ अधिनियम-2009 की धारा 44(1) के तहत यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

एसओजी की कार्रवाई बनी आधार
इस मामले में केवल विभाग ही नहीं बल्कि एसओजी (SOG) पुलिस भी सक्रिय है. विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के विरुद्ध एसओजी द्वारा की गई गिरफ्तारियों का मामला विभाग के संज्ञान में आने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है. उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा के हस्ताक्षरों से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के भविष्य, उच्च शिक्षा की साख और जनहित को सुरक्षित रखने के लिए यह निर्णय लेना अनिवार्य हो गया था.

अगले आदेश तक प्रवेश प्रक्रिया ठप
फिलहाल सरकार ने विश्वविद्यालय के सभी कोर्सों में नए छात्रों के दाखिले को अगले आदेशों तक पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. प्रशासन ने शैक्षणिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है. जब तक सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती, तब तक विश्वविद्यालय में कोई भी नया छात्र प्रवेश नहीं ले पाएगा.

Admin

By Admin