2025 में 23 वन अधिकारी होंगे रिटायर

वन्यजीव विशेषज्ञ ने मुख्यमंत्री से की जांच की मांग, पीसीसीएफ सेन और डीएफओ भारती को हटाने की मांग उठी

गणेश पाण्डेय, भोपाल। रातापानी टाइगर रिजर्व के लोकार्पण समारोह में मात्र एक घंटे के कार्यक्रम पर करीब 27 लाख रुपये खर्च करने का मामला सामने आने से वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ अजय दुबे ने इस आयोजन को “शाही भ्रष्टाचार का उदाहरण” बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

दुबे के अनुसार 13 दिसंबर 2024 को हुए ‘जनकल्याण पर्व’ पर हुए आयोजन में बाइक रैली आयोजित की गई थी, जिसमें पीसीसीएफ (वन्य प्राणी) शुभ रंजन सेन और डीएफओ भोपाल लोकप्रिय भारती की भूमिका प्रमुख रही। आरोप है कि केवल कुछ किलोमीटर लंबी इस बाइक रैली में 26 लाख 43 हजार 652 रुपये खर्च कर दिए गए।

खर्च का ब्योरा:

  • पेट्रोल पर खर्च: ₹7,00,000 से अधिक
  • खाने पर खर्च: ₹11,50,000
  • टेंट पर खर्च: ₹5,50,000
  • हेलमेट वितरण पर खर्च: ₹2,36,000

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अजय दुबे ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि जब प्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा है और मुख्यमंत्री लगातार खर्चों में कटौती की बात कर रहे हैं, तो केवल एक घंटे के लोकार्पण समारोह पर लाखों रुपये खर्च करना जनभावनाओं के साथ धोखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले की रिटायर्ड जस्टिस से स्वतंत्र जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक पीसीसीएफ शुभ रंजन सेन और डीएफओ लोकप्रिय भारती को तत्काल हटाया जाए।

संलग्न दस्तावेज भी दिए

दुबे ने अपने पत्र के साथ डीएफओ भोपाल द्वारा पीसीसीएफ को बजट की मांग हेतु लिखे गए पत्र की प्रति भी संलग्न की है, जिसमें आयोजन हेतु राशि की स्वीकृति मांगी गई थी।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल

इस खुलासे के बाद वन विभाग और मंत्रालय स्तर पर हलचल मची है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी और राजनीतिक नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।