“15 अगस्त को बैनर लगाने से रोकने वाले बाबू सुधीर नेमा पर कार्रवाई नहीं हुई तो 21 अगस्त से वन विभाग के वाहन चालक आंदोलन करेंगे।”
गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश के वन विभाग में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग की वर्किंग प्लान शाखा में पदस्थ बाबू सुधीर नेमा पर आरोप है कि उन्होंने 15 अगस्त को वन भवन की बाउंड्री पर शुभकामना बैनर लगाने से रोक दिया। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने वाहन चालकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट तक की।
देशद्रोह जैसे आरोप तक पहुँचा मामला
वाहन चालकों का कहना है कि नेमा का यह कदम आज़ादी के उत्सव को रोकने जैसा है, जिसे वे देशद्रोह की श्रेणी में मानते हैं। चालकों का आरोप है कि यह सिर्फ अपमानजनक ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता दिवस की भावना के विपरीत कार्य है।
आंदोलन की चेतावनी
आरोपों के बाद विभाग के वाहन चालकों में गहरा आक्रोश है। वन विभाग वाहन चालक समिति ने ऐलान किया है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो 21 अगस्त से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
शिकायतें दर्ज, कार्रवाई लंबित
वाहन चालकों ने इस प्रकरण की लिखित शिकायत वन बल प्रमुख और टीटी नगर थाने में की है। बावजूद इसके, अब तक किसी तरह की कार्रवाई न होने से चालकों का गुस्सा और बढ़ गया है।
वाहन चालकों की बैठक में बनी रणनीति
17 अगस्त को भोपाल स्थित इंदिरा निकुंज नर्सरी, 74 बंगला में समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने की।
बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि जल्द ही बाबू सुधीर नेमा पर कार्रवाई नहीं हुई तो 21 अगस्त से बड़ा आंदोलन होगा।
बैठक में दर्जनों वाहन चालक शामिल हुए, जिनमें जेम्स एंथोनी, हीरा यादव, महेंद्र राव, घनश्याम कटारे, संतोष तिवारी, दिलीप नाथानी, नीरज मेहर, राजकुमार मीणा, ओम प्रकाश मिश्रा, राजेश कुशवाहा, राघवेंद्र नापित, इकबाल अली, गणेश डोयरे, सुरेंद्र रैकवार, मोहसिन खान, भगवान सिंह यादव, सोमदत्त, मनोज मालवीय, राजेश यादव आदि प्रमुख रहे।
