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गणेश पाण्डेय, भोपाल। बालाघाट जिले के लालबर्रा रेंज में बाघिन की संदिग्ध मौत का रहस्य अभी तक बरकरार है। स्टेट टाइगर फोर्स की जांच को एक सप्ताह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा नहीं जा सका। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि जहां एसडीओ बीआर सिरसाम को निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है, वहीं डीएफओ अधर गुप्ता को हटाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

जांच अब भी अधूरी

स्टेट टाइगर फोर्स की जांच के बावजूद न तो शिकारी पकड़ में आए हैं और न ही दोषी अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई हुई है। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय में एसडीओ बीआर सिरसाम के निलंबन की फाइल घूम रही है। वहीं डीएफओ अधर गुप्ता पर भी कड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।

विधायक की सक्रियता

कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर मंत्रालय तक उठा रही हैं। उन्होंने सोमवार को अपर मुख्य सचिव (वन) अशोक वर्णवाल से मुलाकात कर डीएफओ गुप्ता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की पुनः मांग की। मुंजारे का आरोप है कि बाघिन की मौत और उसके जलाने की प्रक्रिया दोनों ही गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

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विधायकों का मोर्चा

अनुभा मुंजारे के साथ विधायक संजय उइके, विक्की पटेल, मधु भगत और शत्रुघ्न असाटी ने संयुक्त रूप से डीएफओ अधर गुप्ता को तत्काल दक्षिण बालाघाट से हटाने की मांग की। बैठक में यह भी कहा गया कि गुप्ता की पूर्व पोस्टिंग शहडोल के दौरान तत्कालीन संभाग आयुक्त राजीव शर्मा की रिपोर्ट में उनके मद्यपान और फील्ड कार्यों में लापरवाही का उल्लेख था।

प्रशासन पर सवाल

वन्य प्राणी शाखा के अधिकारी बताते हैं कि विभागीय कार्रवाई में देरी से वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। जंगल महकमे में यह चर्चा भी है कि बांधवगढ़ में हाथियों की मौत पर तुरंत एक्शन लेने वाले एसीएस अशोक वर्णवाल, बालाघाट के डीएफओ अधर गुप्ता के मामले में नरमी क्यों दिखा रहे हैं।