मंत्री शाह का सोशल मीडिया बयान- “सभी प्रभावितों को पुनर्वास, भोजन और राहत सहायता दी गई है” 

भोपाल। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने सीहोर और देवास जिलों में स्थित खिवनी अभयारण्य में 23 जून को की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को पूरी तरह वैध और कानूनी करार दिया है। मंत्री शाह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से इस मामले में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कार्यवाही से पूर्व सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की गई थीं और प्रभावित परिवारों को मानवीय दृष्टिकोण से हरसंभव सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।

1955 में हुई थी खिवनी अभयारण्य की स्थापना

मंत्री शाह ने जानकारी दी कि खिवनी अभयारण्य की स्थापना वर्ष 1955 में हुई थी। इसके पश्चात वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत 13 दिसंबर 2005 से पूर्व बसे परंपरागत वनवासियों को नियमानुसार भूमि के पट्टे आवंटित किए गए थे। इसके बाद अभयारण्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत अधिकारों की स्वीकृति शेष नहीं रही थी।

पूर्व में 96 हितग्राहियों को विस्थापन मुआवज़ा

मंत्री शाह ने यह भी बताया कि वर्ष 2016 से 2017 तक 96 हितग्राहियों को 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से कुल 9.6 करोड़ रुपये का मुआवजा देकर विधिवत विस्थापित किया गया था।

23 जून को हुई कार्रवाई से पूर्व पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई

शाह ने बताया कि 23 जून 2025 को खिवनी अभयारण्य के कक्ष क्रमांक 215, 209 एवं 203 में की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से एक माह पूर्व संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें अपना पक्ष रखने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया था, लेकिन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद 14 जून 2025 को बेदखली आदेश जारी किए गए।

वर्षों से मिल रहे थे अतिक्रमण हटाने के निर्देश

शाह के अनुसार, संबंधित परिवारों को वर्ष 2022, 2023 एवं 2024 में भी स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए जाते रहे, लेकिन अतिक्रमण जारी रहने पर नियमानुसार अंतिम कार्रवाई की गई।

29 परिवार प्रभावित, सभी को राहत और पुनर्वास उपलब्ध

अतिक्रमण हटाने की इस कार्यवाही में 29 परिवारों के 51 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से:

  • 49 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पहले ही मकान स्वीकृत हो चुके हैं, जो खिवनी खुर्द के राजस्व ग्राम में बने हुए हैं।
  • 2 लोग अपने परिवार के पक्के मकानों में निवासरत हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर दी गई मानवीय सहायता

मंत्री शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी प्रभावितों को:

  • 6 माह की खाद्यान्न सहायता
  • त्रिपाल
  • प्रत्येक परिवार को ₹20,000 की आर्थिक सहायता
  • पका हुआ भोजन की व्यवस्था
    भी की गई है।

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