वन भवन भोपाल मप्र

वन विभाग की तबादला सूची पर सियासी और प्रशासनिक खींचतान

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश वन विभाग में आईएफएस और राज्य वन सेवा (एसएफएस) अधिकारियों की बहुप्रतीक्षित तबादला सूची अब तक जारी नहीं हो सकी है। सूत्रों के अनुसार स्थानांतरण प्रस्ताव पर कई दौर की चर्चा और मंथन हो चुका है, लेकिन प्राइम पोस्टिंग को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक रस्साकशी के चलते सूची बार-बार बदल रही है। यही कारण है कि अधिकांश विभागों की स्थानांतरण सूची जारी होने के बावजूद वन विभाग के अधिकारी अब भी इंतजार कर रहे हैं।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि रसूखदार आईएफएस अधिकारी अपनी पसंद के वन मंडल और सर्किल में पदस्थापना के लिए राजनीतिक पहुंच और प्रभावशाली माध्यमों का सहारा ले रहे हैं। मुख्यालय स्तर से प्रस्तावित सूची शासन को भेजे जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अंतिम आदेश अब तक जारी नहीं हो सका है। विभागीय हलकों में चर्चा है कि 2022-23 बैच के प्रत्यक्ष भर्ती (आरआर) आईएफएस अधिकारी भी पहली ही पदस्थापना में बड़े और महत्वपूर्ण वन मंडलों की मांग कर रहे हैं, जबकि नियमानुसार शुरुआती पदस्थापना सामाजिक वानिकी, उत्पादन शाखा अथवा वन विकास निगम जैसे क्षेत्रों में की जाती है।

रीवा सर्किल बना पहली पसंद

वन विभाग में इस बार रीवा सर्किल सबसे चर्चित पदस्थापना केंद्र बन गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यहां छह वन मंडल होने के कारण इसे प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। सूत्रों का दावा है कि इंदौर के वन संरक्षक पी.एन. मिश्रा, वर्किंग प्लान अधिकारी बृजेंद्र श्रीवास्तव तथा वर्किंग प्लान अधिकारी अनुराग कुमार इस पद के लिए प्रयासरत बताए जा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में किसी अधिकारी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सिंगरौली, देवास और शिवपुरी के लिए बढ़ी प्रतिस्पर्धा

सिंगरौली, देवास और शिवपुरी वन मंडल भी इस बार सबसे अधिक मांग वाले वन मंडलों में शामिल बताए जा रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार सिंगरौली के लिए वर्ष 2014 और 2015 बैच के अधिकारियों के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है। वहीं हरदा उत्पादन वनमंडल के डीएफओ नरेंद्र पड़वा द्वारा देवास के लिए दावेदारी किए जाने की चर्चा है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इसके लिए एक धर्मगुरु की सिफारिश भी ली गई है। इसी तरह शिवपुरी वनमंडल के लिए भी तीन आईएफएस अधिकारियों के बीच जोर-आजमाइश बताई जा रही है।

नए आईएफएस की पहली पोस्टिंग को लेकर भी चर्चा

विभागीय नियमों के अनुसार प्रत्यक्ष भर्ती (आरआर) आईएफएस अधिकारियों की पहली पदस्थापना सामान्यतः सामाजिक वानिकी, उत्पादन शाखा या वन विकास निगम में की जाती है, ताकि उन्हें फील्ड प्रशासन का प्रारंभिक अनुभव मिल सके। लेकिन विभागीय सूत्रों का कहना है कि 2022-23 बैच के कुछ अधिकारी पहली ही पोस्टिंग में रीवा, सतना, खंडवा, शिवपुरी और दमोह जैसे बड़े वन मंडलों में पदस्थ होना चाहते हैं। इसी कारण तबादला सूची को अंतिम रूप देने में देरी की चर्चा विभागीय हलकों में बनी हुई है।